अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के ग्लोबल वेज रिपोर्ट 2020-21 यानी वैश्विक वेतन रिपोर्ट 2020-21 के हिसाब से महामारी के दौरान दुनिया भर में काम धंधा खत्म हो गइल, बेरोजगारी बहुते बढ़ गइल. एह में इहो कहल गइल कि कोविड-19 से काम के घंटा में जे गिरावट आइल ऊ 34.5 करोड़ फुल-टाइम नौकरी के नुकसान के बराबर बा. एकर नतीजा भइल कि दुनिया भर में मजूर लोग के कमाई 10.7 प्रतिशत कम हो गइल.
एह बीच, दुनिया भर के अरबपति के जिनगी मजा में चलत रहल. ऑक्सफैम के 2021 के एगो रिपोर्ट द इनइक्वालिटी वायरस (गैरबराबरी के वायरस) के मानल जाव, त मार्च आउर दिसंबर, 2020 के बीच ऊ लोग के खजाना में कुल 3.9 ट्रिलियन डॉलर के आउर इजाफा हो गइल. आईएलओ रिपोर्ट अनौपचारिक कामगार के जिनगी के दुर्दशा ओरी इशारा कर रहल बा. साल 2020 में अनौपचारिक क्षेत्र में काम करे वाला के कमाई में, पहिलका के पंचमा हिस्सा (22.6 प्रतिशत) के बराबर गिरावट देखल गइल.
दिल्ली के एगो कुम्हार, शीला देवी के परिवार के कमाई भी महामारी के सुरुआती महीना में लगभग खत्म हो गइल. उनकर परिवार के पहिले जे 10,000 से 20,000 (त्योहार घरिया) के कमाई होत रहे ऊ घट के सिरिफ 3,000 से 4,000 रह गइल. एहि तरहा, गुजरात के कच्छ में रहे वाला कुम्हार इस्माइल हुसैन के अप्रिल से जून, 2020 के बीच एगो सामान ना बिकल.
एम.नल्लूताई के कहनाम बा, “अबही हम आपन दू गो लरिकन संगे रासन के चाउर-दाल पर गुजारा करत बानी. बाकिर पता ना अइसन केतना दिन ले चली.” नल्लूताई तमिलनाडु के मदुरै के करगट्टम कलाकार बानी. महामारी में ओह लोग लगे न काम बचल, ना कमाई.