अंधियार मं परे वज़ीरीथल के सेहत
जम्मू अऊ कश्मीर के बांदीपुर ज़िला के एक ठन दूरिहा के गाँव मं गरभ धरे महतारी मन बिजली के आय-जाय अऊ सरकारी अस्पताल के बदहाली ले जूझत हवंय. वो मन के एकेच आस गाँव के डोकरी दाई आय



जम्मू अऊ कश्मीर के बांदीपुर ज़िला के एक ठन दूरिहा के गाँव मं गरभ धरे महतारी मन बिजली के आय-जाय अऊ सरकारी अस्पताल के बदहाली ले जूझत हवंय. वो मन के एकेच आस गाँव के डोकरी दाई आय
मुर्शिदाबाद जिला मं ये सबले गरीब माइलोगन मन आंय जऊन मन बीड़ी बनाथें – सबले कमती मजूरी के संग देह खटेइय्या बूता. माखुर के संग सरलग रहे रहे सेती वो मन के समान्य अऊ प्रजनन सेहत ऊपर भारी खतरा रहिथे
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिला मं, माइलोगन मन वो सब्बो रोक-ठोंक, रित-रिवाज अऊ दिक्कत ला लेके गोठियाथें जऊन ह महवारी अऊ जचकी के बखत वो मन के ऊपर थोपे जाथें
हिमाचल प्रदेश के देहात इलाका मं माईलोगन मन इलाज के सुविधा अऊ काम करत सामुदायिक अस्पताल नई होय ले जचकी अऊ ओकर बाद के सुविधा सेती कतको दिक्कत के सामना करत हवंय
हावेरी जिला के ये गाँव मं कमती मजूरी अऊ ‘भुखमरी भोजन’ माइलोगन मन के सेहत ऊपर उल्टा असर करथे. अऊ ओकर बस्ती मं शौचालय के नई होय ले तउन माईलोगन मन सेती अऊ घलो असर करथे, जऊन मन ला महवारी ला लेके कतको दिक्कत हवय
अपन घरवाला संग बूता करत सूरत अऊ दीगर जगा मं कमाय खाय ला निकरे, उदयपुर जिला के गमेती समाज के पिछड़ा जाति के माइलोगन मन गर्भनिरोधक अऊ अपन सेहत ला बने करके राखे सेती फइसला खुदेच करत हवंय
सुनीता देवी ह जियादा लइका जन्माय ला रोके सेती एक ठन सुरक्षित अऊ सुभीता के तरीका अपनाय ला चाहत रहिस, फेर कॉपर-टी के फेल मारे के बाद, गरभपात सेती दिल्ली अऊ बिहार के सरकारी अस्पताल मन के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले लेके निजी अस्पताल मं मजबूर होके जाय ला परिस
गर्भ निरोधक दवई अऊ कंडोम ले भराय झोला ले कलावती सोनी अमेठी जिला के टिकारी गांव के माईलोगन मन के भरोसा के संगी आय. ओकर गोठ बात ह इहाँ प्रजनन के हक के संदेसा ला बनाय रखे हवय
बीड जिला के कुसियार के खेत मं बूता करेइय्या बनिहारिन मन के एक बड़े अबादी ला बच्चादानी हेरवाय के आपरेसन के बाद ले तनाव, अवसाद, देह के कतको बीमारी, अऊ घरवाला ला अऊरत के सुख नई देय पाय ले गृहस्थी मं कलहा होथे
वो मन के नदी के पानी जरूरत ले जियादा नुनछुर हवय, धूपकल्ला मं जरूरत ले जियादा घाम परथे, अऊ सरकारी इलाज मिले ह, वो मन सेती सपना बरोबर आय. ये जम्मो कारन ले सुंदरबन के माईलोगन मन सेहत के कतको समस्या के भंवर मं फंसे हवंय
धंधावाली मन ला अस्पताल के करमचारी मन के सोसन झेले ला परथे, वो मन के अपमान करे जाथे, ओ मन के निजता ला खतम करे जाथे. देश के रजधानी मं रहत घलो, वो मन लोगन के सोच के तरी दबे इलाज के सुविधा ले बांच जाथें. अब महामारी ह वो मन ला अऊ कोंटा मं फेंक दे हवय
झारखंड के बुड़ती सिंहभूम ज़िला के भीतरी दूरदराज़ के गांव मन मं सरकारी स्वास्थ्य सेवा भारी खराब हालत मं हवंय. बुनियादी ढांचा के चुनौती येला अऊ घलो जियादा खस्ताहाल बना देथे. अइसने मं ‘आरएमपी डॉक्टर’ मन जरूरी बन जाथें. स्वास्थ्य सेवा के जम्मो बोझ ये ‘झोला छाप डॉक्टर’ मन ऊपर लोगन के भरोसा अऊ बेस्वास के ताना-बाना ले टिके हवय
महाराष्ट्र के मेलघाट टाइगर रिज़र्व के तीर-तखार के आदिवासी बस्ती मन मं रोपी अऊ चरकू जइसने जचकी दाई मन कतको दसों बछर ले घरेच मं जचकी करवाय हवंय. फेर, अब ये दूनो डोकरी सियान होगे हवंय अऊ वो मन के ये काबिलियत ला आगू बढ़ेय्या कऊनो नई ये
उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिला के मुसहर माईलोगन ला बुनियादी स्वास्थ्य सेवा मिले नई सके ला वो मन अऊ कोंटा मं फेंका जाथें, संगे संग, समाज मं वो मन के जात ऊपर होय अतियाचार के इतिहास ह वो मन के हक ला अऊ कम कर देथें
बिहार के मधुबनी जिला के गरीब परिवार के माइलोगन मन ला समे मं बढ़िया स्वास्थ्य सेवा पाय सेती कतको किसिम के बिघन के सामना करे ला परथे. जब सरकार के जऊन बेवस्था ले थोर-बहुत मदद धन राहत मिले के आस बांच जाथे उहाँ घलो भ्रष्टाचार के मामला आगू आथे, त ये बेबस लोगन मन अऊ घलो असहाय हो जाथें
सोनू अऊ मीना के कहिनी, प्रयागराज के देहात इलाका के दलित बस्ती मन के बासिंदा जम्मो कम उमर के नोनी मन के कहिनी आय. सोनू अऊ मीना के जल्दीच बिहाव होय ला हवय, फेर वो मन के उमर ये बखत बनेच कम हवय
ग़रीबी, अशिक्षा, अऊ जीवन ऊपर अपन काबू नई होय सेती, बिहार के गया जिला के अलग-अलग तबका के माईलोगन के सेहत सरलग खतरा मं परे हवंय
जब दीपा जचकी के बाद दिल्ली के एक ठन अस्पताल ले लहुंटीस, त वोला मालूम नई रहिस के वोला कॉपर-टी लगाय जा चुके हवय. दू बछर बाद जब वोला दरद अऊ खून आय लगिस, त डॉक्टर ह कतको महिना तक ले डिवाइस ला खोजेच नई लगा सकिस
बंद परे सार्वजनिक पखाना, दूरिहा मं ब्लॉक, परदा के ओढ़ार मं डब्बा जइसने पखाना, नहाय अऊ सेनेटरी पैड ला बऊरे अऊ फेंके सेती अकेलापन के अभाव, रतिहा मं पखाना सेती पटरी मन मं जाय के मजबूरी: ये अइसने मुस्किल मन आंय जेकर सामना पटना के झोपड़ पट्टी बस्ती के बासिंदा नोनी मन हरेक रोज करथें
बिहार के गांव मन मं रहेइय्या भूजल (ग्राउंडवॉटर) मं आर्सेनिक सेती कैंसर होय ले, प्रीति जइसने कतको परिवार मन घर के लोगन ला खोय हवंय, खुदेच प्रीति के छाती मं गांठ बन गे हवय. अतका सब्बो झेले के बाद, इहाँ के माइलोगन मन ला इलाज करवाय मं अक्सर भारी चुनौती ले जूझे ला परथे
शांति मांझी, बिहार के शिवहर ज़िला के मुसहर टोला मं अपन घर मं सात लइका ला जनम दे चुके हवंय. इहाँ कुछेक लोगन मन तीर स्वास्थ्य सेवा के पहुंच हवय अऊ अधिकतर मन ला त ये घलो पता नई ये के जचकी मं मदद सेती गाँव मं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हवय घलो धन नई
बिहार के पटना जिला के बाल अऊ किसोर उमर के बहुरिया मन के आगू बेटा जनम के साध मं लइका जनम करत जाय ला छोड़ कऊनो तरीका नई बंचे हवय. वो मन के ये हालत मं समाज के रित-रिवाज अऊ पहिली ले बने सोच ह कानून अऊ कायदा ले कहूं जियादा महत्तम रखथे
क़ानून, समाज मं जागरूकता अभियान अऊ निजी ढंग ले लड़े के बाद घलो समाज मं कलंक अऊ देवी-देंवता के डर सेती, कर्नाटक के काडूगोल्ला समाज के माइलोगन मन जचकी के बाद अऊ महवारी बखत रुख के तरी मं अऊ झोपड़ी मं परे-फेंकाय अलग रहे ला मजबूर हवंय
बिहार के मुजफ्फरपुर जिला के चतुर्भुज स्थान जगा के धंधावाली मन, अक्सर अपन ‘परमानेंट’ ग्राहक ला खुस करे के चक्कर मं कमती उमर मं गरभ ले हो जाथें, कोविड-19 लॉकडाउन के कारन वो मन के हालत भारी खराब हवय
ओडिशा के मलकानगिरी मं बांध वाले इलाका के आदिवासी बस्ती मन मं, घना जंगल मं, ऊँच पहाड़ी मन मं अऊ पुलिस-नक्सली मं लड़ई के मंझा मं, बखत मं डोंगा नई चले ले अऊ टूटे-फूटे सड़क उहाँ के दुब्भर स्वस्थ्य सुविधा तक ले हबरे के एकेच जरिया हवंय
बिहार के देहात इलाका मं बीते बछर लॉकडाउन बखत, गांव लहूँटे जवान मजूर मन ले बनेच अकन किसोर उमर के नोनी मन के बिहाव कर दे गीस. तऊन मन ले कतको अब गरभ ले हवंय अऊ अपन अवेईय्या बखत ला लेके चिंता मं परे हवंय
दसक भर पहिली तक ले बिहार के हसनपुर गांव मं परिवार नियोजन ला एक कोंटा मं राख दे जावत रहिस. फेर अब इहाँ के माईलोगन मन अक्सर स्वास्थ्यकर्मी सलहा अऊ शमा के तीर गरभनिरोधक सूजी (इंजेक्शन) लगवाय ला आथें. ये बदलाव कइसने होइस?
बिहार के किशनगंज ज़िला मं काम करेईय्या कुछेक स्त्री रोग विशेषज्ञ मन के दिन भारी लंबा गुजरथे; इहाँ इलाज के समान भरपूर नई आवय, अऊ अपन मरीज के एक ले जियादा गरभ धरे अऊ गरभनिरोध ला लेके, वो मन के अनिच्छा ले निपटे ह भारी कठिन बूता आय
गुजरात के धोलका तालुका मं भारवाड़ चरवाहा समाज के माइलोगन मन बर, बेटा जनम करे के दुवाब अऊ परिवार नियोजन के कुछेक तरीका का मतलब होथे गरभ निरोध अऊ जनम ले जुरे हक सिरिफ बात के बात आंय
बिहार के समस्तीपुर जिला मं महादलित समाज के बाढ़े-पउरे नोनी मन ला सिरिफ इही पाये के समाज के ताना सुने बर परथे के वो ह इस्कूल जाथे. इस्कूल झन जाए कहिके ओखर मन संग मार-पीट घला करे जथे. ओखर मन उप्पर दबाव डाले जाथे कि वो अपन सपना ला छोड़ दे, अऊ बिहाव कर लेय. दुए-चार नोनी मन विरोध करेके कोसिस करथें, बाकी के सब्बो नोनी मन आखिर मं हार मान लेथें
कमती जगा अऊ सुविधा के कमी बिहार के दरभंगा जिला के एक ठन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मं स्वास्थ्य करमी मन ला आफिस मं, वार्ड के बिस्तरा मं अऊ कभू-कभू जमीन मं सुते ला मजबूर कर देथे
बिहार के वैशाली जिला के एक ठन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जिहां के अल्ट्रासाउंड मसीन मं मकड़ी मन अपन ठीहा बना लेनी हवंय अऊ जिहां के करमचारी मन पइसा मांगथें, एक ठन परिवार ला बताय गीस के ओकर गरभ के लइका मरगे हवय – जेकर सेती वो मन ला जियादा पइसा खरचा करके निजी अस्पताल मं भागे ला परिस
करमचारी मन के कमी ले जूझत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जिहां जंगली जानवर किंदरत रहिथें, अस्पताल जाय मं डर लगत होय, फोन लगत नई होवय – ये सब्बो जिनिस मन के सेती बिहार के बड़गांव खुर्द गाँव के गरभ धरे माइलोगन मन घरेच मं जचकी करवाय ला मजबूर हवंय
बीते बछर, उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिला के रानो सिंह ह पहाड़ी रद्दा ले अस्पताल जावत, सड़क मं लइका ला जनम दीस. ये एक ठन अइसने इलाका आय जिहां पहाड़ी रद्दा अऊ भारी खर्चा सेती पहाड़ी बस्ती के बासिंदा बनेच अकन माईलोगन मन घरेच मं जचकी करवाय ला मजबूर हवंय
राजस्थान के बांसी गाँव के भावना सुथार के बीते बछर एक ठन ‘सिविर’ मं नसबंदी करे के बाद मऊत होगे, जिहां नियम ला टोर के वो मन ला दूसर तरीका अपनाय के विचार करे के समे नई देय गेय रहिस. ओकर घरवाला दिनेश ह अभू घलो नियाव मांगत हवय
चार बेर गरभपात, दरूहा घरवाला, अऊ कारखाना के नऊकरी छूटे जाने के बाद, दिल्ली के बासिंदा हनी ह पांचवा बेर गरभ हो जाय ले अपन देह बेंचे के फइसला करिस अऊ तब ले वो ला एसटीडी हवय. अब, लॉकडाउन मं वो ह कमई बर जूझत हवय
नसबंदी के बाद संक्रमन होय सेती, राजस्थान के दौसा जिला के 27 बछर के सुशीला देवी ला तीन बछर तक ले दरद भोगे ला परिस, अस्पताल मन के चक्कर लगाय ला परिस. करजा बाढ़त गे अऊ आखिर मं वो मन ला कोख हेरवाय ला परिस
सरीजिनगी कतको बीमारी ले जूझत अऊ कतको आपरेसन कराय के बाद, पुणे जिला के हडशी गाँव के बिबाबाई लोयरे के देह ह झुक के धंसगे हवय. येकरे बाद घलो वो ह खेती किसानी के बूता करथें अऊ लोकवा ले परे अपन घरवाला के देखभाल घलो करथें
महाराष्ट्र के नंदुरबार जिला मं बच्चादानी के जोनि ले बहिर निकरे के दिक्कत ले जूझत भील माइलोगन मन के पहुंच इलाज के सुविधा मन तक नई ये. सड़क धन मोबाईल ले सम्पर्क नई होय के सेती ये जूझत माइलोगन मन ला जचकी ले जुरे कतको कड़ा मुस्किल अऊ भारी पीरा के सामना करे ला परथे
दिमागी अच्छम माइलोगन मन के यौन अऊ जचकी सेहत के हक ला टोरे, अक्सर वो मन ला अपन कोख हेरवाय बर मजबूर करे जाथे. फेर महाराष्ट्र के वाडी गाँव मं, मालन मोरे भागवाली आय के ओकर पाछू ओकर दाई खड़े हवय
हरियाणा के बिवान गांव मं, अपन संस्कृति, पहुंच ले बहिर स्वास्थ्य सेवा अऊ ढीलर-ढालर प्रदाता के कारन मेव मुसलमान मन के तीर गर्भनिरोधक पहुंचे मुस्किल आय अऊ येकर सेती माईलोगन मन जचकी के चक्कर मं फंस जाथें
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट ज़िला मं इस्कूल बंद होय के सेती, गरीब परिवार के नोनी मन ला मुफत मं सैनिटरी नैपकिन नई मिल सकत हवय, जेकर ले वो मन येकर जगा खतरा भरे तरीका ला अपनाय मजबूर हवंय. सिरिफ यूपी मं अइसने नोनी मन के संख्या लाखों मं हवय
थोकन तनखा के संग कभू नई सिरोवत सर्वेक्षण, रिपोर्ट अऊ दीगर बूता के बोझा ले लदाय सुनीता रानी अऊ हरियाणा के सोनीपत जिला के दीगर आशा कार्यकर्ता मन, गाँव देहात के जचकी होवेइय्या माइलोगन मन के इलाज ले जुरे जिनिस सेती लड़त हवंय
तमिलनाडु के गुडलूर के महतारी मन हीमोग्लोबिन के भारी कमी ले जूझत हवंय, 7 किलो वजन के दू बरस के लइका, दारू के लत, घटत आमदनी अऊ जंगल ले बढ़त दुरिहा ह आम बात हो गे हवय अऊ आदिवासी माइलोगन मन मं भारी जोर ले कुपोसन बगरत हवय
दिल्ली ले करीबन 13 कोस दूरिहा हरियाणा के हरसाना कलां गांव के माईलोगन मं बतावत हवंय के कइसने समाज मं मरद मन के दबंगई ला झेलत अपन जिनगी के बड़े फइसला खुदेच करे अऊ लइका जनम देय के सब्बो तरीका ला अपन हाथ मं लेय सेती कतक जूझे ला परथे
महाराष्ट्र के नंदुरबार जिला के धड़गांव इलाका के भील माईलोगन मन लांछन, पऊनी-पसारी बंद करे, अऊ गाँव के सरकारी अस्पताल मन मं बाँझपन के सही इलाज नई मिलय ले, वो मन जइसने–तइसने करके जिनगी गुजारत हवंय
परिवार नियोजन के मामला मन मं “मरद मन के हाथ’ के भारी चर्चा होथे, फेर बिहार के विकास मित्र अऊ आशाकार्यकर्ता मन ला मरद मन ला नसबंदी करवाय सेती भारी कम तियार करे सकथें, अऊ अनचाहे गरभ ला रोके के जिम्मेवारी सिरिफ माईलोगन मन के हाथ होय ह अभू घलो चलत हवय
सब्बो सुविधा ले भरेपूरे छत्तीसगढ़ के नरायनपुर ज़िला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मन जियादा करके आदिवासी माई लोगन मन के पहुँच ले बाहिर हंवय, तेकरे सेती वो मन गरभ गिराय अऊ जचकी के खतरा लेवत झोलाछाप डॉक्टर मन करा चल देथें
सुप्रीम कोर्ट के 2016 के आदेस के बाद ले नसबंदी सिविर मन के जगा अब ‘नसबंदी दिवस’ ह ले ले हवय, फेर अभू घलो नसबंदी जियादा करके माईलोगन मन के करे जाथे; अऊ यूपी मं बनेच अकन माईलोगन मन दीगर कऊनो ये जमाना के गर्भनिरोधक तरीका नई होय सेती ये फइसला करथें काबर वो मन करा अऊ कऊनो चारा घलो नई ये
मदुरई ज़िला के कूवलापुरम अऊ चार दिगर गाँव मन मं महवारी बखत माइलोगन मन ला घर ले बहिर निकाल के गाँव बहिर बने एक ठन ‘गेस्टहाउस’ मं राखे जाथे. देवी-देंवता के खिसियाय के अंदेसा अऊ मइनखे मन के ऊतइल बेवहार के डर के सेती इहाँ कऊनो ये भेदभाव के ख़िलाफ़ अवाज उठाय के हिम्मत नई करे सकय
अनुवाद: निर्मल कुमार साहू
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