केंद्र सरकारा के दमनकारी कार्रवाई, एह बरिस (2024) फरवरी में पंजाब आ हरियाणा के बीच शंभू आउर खनौरी सीमा पर प्रदर्शन कर रहल किसान पर आंसू गैस के गोला छोड़े आउर लाठीचार्ज करे से आहत आउर गुस्सा में रहे. पढ़ीं: ‘शंभू बॉर्डर पर हम कैद बानी’
कुछे दिन पहिले प्रदर्शन खातिर दिल्ली आवे वाला किसान लोग के रस्ता सरकार जवन तरीका से रोकलक, ओकर जवाब में उहंवा एगो किसान आह्वान कइलन: “दिल्ली हमारी है, देस पर वही राज करेगा, जो किसान मजदूर की बात करेगा! (दिल्ली हमनी के बा, देस पर उहे राज करी, जे किसान मजूर के बात करी!)”
‘कारपोरेट समर्थक, सांप्रदायिक आउर तानाशाह सरकार’ के बिरोध में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेस, कनाटक, केरल, मध्य प्रदेस आउर उत्तराखंड के किसान आउर मजूर संग के नेता लोग मौजूदा केंद्र सरकार पर धावा बोललक.
“22 जनवरी 2021 के बाद सरकार कवनो किसान संगठन से बात नइखे कइलक. आउर जबले बातचीत ना होई, समस्या के हल कइसे निकली?” राकेश टिकैत उहंवा मौजूद बिशाल जनसमूह के संबोधित करत कहलन. टिकैत भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आउर एसकेएम नेता बाड़न.
“साल 2020-21 में भइल किसान संघर्ष के आखिर में नरेंद्र मोदी सरकार वादा कइले रहे कि सी2 + 50% फॉर्मूला पर एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) लीगल गारंटी देवल जाई. बाकिर एकरा अबले लागू ना कइल गइल. सरकार करजा माफ करे के भी गारंटी देले रहे, उहो पूरा ना भइल,” अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) महासचिव डॉ. वीजू कृष्णन कहलन. पढ़ीं: कृषि बिरोध प्रदर्शन पर पारी के पूरा कवरेज
कृष्णन, मंच से बोलत, साल भर चलल किसान बिरोध प्रदर्शन के दौरान मारल गइल 736 से भी जादे किसान आउर ओह लोग के परिवार के मुआवजा के सरकार के अधूरा वादा, आउर ओह लोग के खिलाफ सभे मामला वापस लेवे के बारे में भी चरचा कइलन. महापंचायत में पारी से बतकही करत ऊ कहलन, “बिजली कानून में भइल संशोधन के वापल लेवे जाए के बात रहे, बाकिर उहो ना कइल गइल.”