जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने आए वैश्विक नेताओं के स्वागत में शुक्रवार के दिन देश की राजधानी जगमगा उठी, लेकिन दिल्ली में हाशिए पर रहने वाले लोगों की दुनिया में गहरा अंधेरा छा गया. पहले के विस्थापित किसानों, और आज के यमुना बाढ़ शरणार्थियों को दुनिया की नज़रों से दूर रहने को कहा गया. उन्हें गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के नीचे स्थित उनकी अस्थायी झुग्गियों से हटाकर नदी किनारे के जंगली इलाक़े में भेज दिया गया है और अगले तीन दिनों तक वहीं छिपे रहने को कहा गया है.
हीरालाल ने पारी को बताया, "हममें से कुछ लोगों को पुलिस ने बलपूर्वक हटाया. उन्होंने 15 मिनट के भीतर जगह खाली करने को कहा और यह भी चेताया कि अगर हम नहीं हटे, तो वे हमें बलपूर्वक यहां से हटा देंगे."
जंगली इलाक़े की ऊंची-ऊंची घासों के बीच सांप, बिच्छू जैसे ख़तरनाक जीवों का ख़तरा है. कभी ख़ुद के किसान होने पर गर्व करने वाले हीरालाल बताते हैं, "हमारे परिवारों को बिजली और पानी के बिना रहना पड़ रहा है. अगर किसी को सांप या बिच्छू ने काट लिया, तो इलाज की कोई सुविधा नहीं है."

















