हमर काम के मूल मं हमर वालेंटियर आंय जउन मन हमर हरेक रिपोर्ट बर ‘फोकस अऊ फैक्ट्स’ (मुख्य बिंदू अऊ तथ्य) ला सार रूप मं राखथें. हमर संग कालेज पढ़ेइय्या लइका मन, काम करत अऊ रिटायर विशेषज्ञ मन घलो अपन मन ले वालेंटियर के रूप मं जुड़े हवंय. ये मन जटिल अऊ बड़े बिसय ला सरल अऊ आसान भाखा मं संजोय बर अपन बखत अऊ हुनर हमन ला देथें. वो मन के ये काम ले हमर संग्रह/ खजाना न सिरिफ सब्बो तीर हबराथे फेर वो मं आनी-बानी के जानकारी घलो होथे.
ये बखत, पारी लाइब्रेरी मं करीबन 450 वालेंटियर हवंय, जेन मन हमर सुरुआत ले हमर संग काम करत हवंय.
ये संदेसा साल के आखिर (दिसंबर 2025) मं लिखे गे हवय. येकर उद्देश्य वो लोगन मन ला सम्मान देय आय जेन मन हमर संग सरलग काम करत रहे हवंय. वो वालेंटियर मन अपन बिचार राखत हवंय के वो मन के अनुभव कइसने रहिस अऊ ये बखत मं वो मन काय महत्तम जिनिस ला सिखिन.
याझिनी सतियामूर्ति
आईआईटी बॉम्बे में एनवायरनमेंटल साइंस एंड इंजीनियरिंग मं एमटेक करत हवंय
मंय जेन घलो रिपोर्ट बर फोकस अऊ फैक्ट्स’ बनाय हवं, ओकर ले मोला एक ठन नवा नजरिया मिलिस जेन ह मोर मन मं बस गे हवय. कुछेक रिपोर्ट, जइसने के भारत के कालीन उदिम मं बंधुआ अऊ बल मजूरी उपर आधारित 'दागी कालीन' (Tainted Carpets) धन ‘क्लाइमेट इंडिया 2024’ (Climate India 2024) जेन मं मऊसम मं बदलाव के बढ़ती के कतको घटना के बात करेगे हवय, मोला हलाकान करके राख दीस अऊ वो मन ला पढ़े मं मोला कतको दिन लाग गे. फेर अपन पढ़ाई ला देखत, ये रिपोर्ट मन के उपर काम करे ले मोला वो बिसय मन ला बढ़िया ढंग ले समझे के मऊका मिलिस.
चाहे वो ह एक पेज के पोस्टर होय धन 500 पेज के स्टैटिस्टिकल (आंकड़ा वाले) रिपोर्ट, पारी लाइब्रेरी वोला 'फोकस अऊ फैक्टॉइड्स' के रूप मं छोटे अऊ साफ हिस्सा मं बाँट देथे अऊ असल बात तक ले जाथे. फेर सोचे के बात आय के ये मन ले कतको रिपोर्ट अब तक ले आम जनता धन मुख्यधारा (Mainstream) के चर्चा के हिस्सा बने नइ सके हवंय.
अबिजार शेख
30 बछर ले जियादा के तजुर्बा वाले कम्युनिकेशन अऊ फाइनेंशियल सर्विसेज़ विशेषज्ञ
मोर करा खाली बखत रहिस अऊ मंय कुछु बढ़िया करे ला चाहत रहेंय. पारी लाइब्रेरी के संग वालेंटियर बढ़िया मऊका रहिस. पारी जेन काम करते, ये ह मोर बोर एकदम सही रहिस, काबर के ये ह हमेसा ले मोर पंसद के जिनिस मन ले एक रहे हवय.
एक पाठक के रूप मं, मंय लाइब्रेरी मं बिसय मन के बने सूची अऊ खोजे के सुविधा देखे ला चाहत हवं.
जेरी जोस
कोट्टायम, केरल के जलवायु वैज्ञानिक
पारी ले मोर परिचय वेबसाइट सुरु होय के बखत पी. साईनाथ के एक ठन लेक्चर से होय रहिस. गाँव-देहात के भारत ला सहेजे के ये कोसिस, जउन ला एक महाद्वीप के भीतरी महाद्वीप’ कहे जाथे, मोर मरम ला छू गीस. पारी के बाढ़त लाइब्रेरी मं अपन सहयोग देय बर मंय वालेंटियर के रूप मं दूरिहा ले काम करे सुरु करेंय, जेकर ले गाँव-देहात के कहिनी मन ला देस-दुनिया मं लाय सकेंय.”
ये सुग्घर बात आय के लाइब्रेरी मं बढ़िया व्यवस्थित रिपोर्ट मन ला आसान ‘फोकस अऊ फैक्टॉइड्स’ के रूप मं दिखाय गे हवय. मोला लागथे के येकर बढ़े दायरा पारी के पत्रकारिता बर भारी काम के आय. मोला अपन विशेषज्ञता के क्षेत्र मं अऊ ओकर ले बहिर के रिपोर्ट मन संग काम करत भारी मजा आइस, जिहाँ शोध ह अपन आप मं सीख रहिस.