“अलमुनिया के बरतन ले लीं.”
“जवन हमार शरीर आवाज़ दे सकेला, हम ओके इस्तेमाल करेनी. हम भोंपा के प्रयोग नाही करेनी. इ सब हमरी सांस के कमाल ह.”
“हमार नाम गणेशन ह. हम उहे समान बेचेनी जवन समान हम साइकिल पर लादी सकेनी. हम अपना परिवार अउरी लईकन के पेट इ घरेलू समान प्लास्टिक और टीनहिया बर्तन बेच के करेनी. हमनी के आज कुछु घईली (पानी रखने का घड़ा) बेचे के ही पड़ी नाही त खएका कईसे मिली. चला चले के!”
हमार गणेशन से करईकुडी के लग्गे कनाडुकातन में भेंट भईल. हम एगो आदमी के तलाश में रहनी जेकरा जीवन के कहानी हम तस्वीर के जरिये कही सकी. जहिया उनसे हमार भेंट भईल, इ 61 साल के आदमी कोतमंगलम गांव में गईल रहने. ऊ एगो बड़ा मुस्कान के साथ हमरा निवेदन के स्वीकार क लिहने.






















