‘मैंने उससे गिड़गिड़ाते हुए कहा कि 14,000 रूपये छोड़ दे...’
साहूकारों के पास आम तौर से अथाह शक्ति होती है, जिसके कारण किसान ब्याज के मनमाने दर की वजह से कंगाल हो जाते हैं, जैसा कि मराठवाड़ा की हाल की दो घटनाओं से पता चलता है। लेकिन वे ऐसा किसानों के लिये पैसों के पारंपरिक स्रोत के विघटन तथा सहायता करने में राज्य की आनाकानी की वजह से करते हैं
पार्थ एम एन, साल 2017 के पारी फ़ेलो हैं और एक स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर विविध न्यूज़ वेबसाइटों के लिए रिपोर्टिंग करते हैं. उन्हें क्रिकेट खेलना और घूमना पसंद है.
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Qamar Siddique
क़मर सिद्दीक़ी, पीपुल्स आर्काइव ऑफ़ रुरल इंडिया के ट्रांसलेशन्स एडिटर, उर्दू, हैं। वह दिल्ली स्थित एक पत्रकार हैं।