मोटा टिंबला गांव के रेखा वाघेला खाली गुजरात के मसहूर पटोला साड़िए ना बीनेली, बलुक ओकरा संगे आपन अझुराइल जिनगी के ताना-बाना भी सझुरा रहल बाड़ी. आपन बारीक बुनावट आउर दोहरा इकत खातिर हाथ से बीनाए वाला पटोला के खूब नाम बा
उमेश सोलंकी अहमदाबाद में रहेवाला एगो फोटोग्राफर, वृतचित्र निर्माता आउर लेखक बानी. उहां के पत्रकारिता में मास्टर कइले बानी. उनकरा घूमल बहुते पसंद बा. उहां के तीन गो कविता संग्रह, एगो औपन्यासिक खंडकाव्य, एगो उपन्यास, एगो कथेतर आलेख के किताब छप के आइल हवे.
Editor
Pratishtha Pandya
प्रतिष्ठा पंड्या पारी में सीनियर एडिटर बानी आउर एकर क्रिएटिव राइटिंग सेक्शन के अगुआई करेनी. उहां के पारीभाषा टीम के सदस्य भी बानी आउर गुजराती में कहानी अनुवाद आउर संपादित करेनी. प्रतिष्ठा के गुजराती आउर अंगरेजी में रचना सभ छपत रहेला.