ग्रामीण-पत्रकार-मरने-पर-कोई-पूछने-वाला-नहीं

Osmanabad, Maharashtra

May 22, 2021

ग्रामीण पत्रकार: मरने पर कोई पूछने वाला नहीं

प्रथम पंक्ति के कार्यकर्ता का दर्जा मांग रहे महाराष्ट्र के पत्रकार कोविड-19 से मर रहे हैं। टीके आसानी से उपलब्ध नहीं हैं, कोई अच्छी स्वास्थ्य सेवा नहीं है, इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में पत्रकारों को बहुत ज़्यादा ख़तरा है

Translator

Qamar Siddique

Want to republish this article? Please write to [email protected] with a cc to [email protected]

Author

Parth M.N.

पार्थ एम एन, साल 2017 के पारी फ़ेलो हैं और एक स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर विविध न्यूज़ वेबसाइटों के लिए रिपोर्टिंग करते हैं. उन्हें क्रिकेट खेलना और घूमना पसंद है.

Translator

Qamar Siddique

क़मर सिद्दीक़ी, पीपुल्स आर्काइव ऑफ़ रुरल इंडिया के ट्रांसलेशन्स एडिटर, उर्दू, हैं। वह दिल्ली स्थित एक पत्रकार हैं।