सरन्या आपन तीनों लइकन, जे देख ना सकेलें, के लेके स्कूल जाली. एह लरिका लोग के पाले-पोसे के जिम्मा अकेला उनकरे कंधा पर बा. ऊ गुम्मिडिपूंडी से चेन्नई, 100 किमी रोज के सफर अकेल्ले करेली
एम. पलानी कुमार पीपुल्स आर्काइव ऑफ रूरल इंडिया के स्टाफ फोटोग्राफर बानी. उहां के मेहरारू मजूर आउर हाशिया पर रहे वाला लोग के जिनगी पर डॉक्यूमेंट्री बनावे में दिलचस्पी बा.
पलानी के साल 2020 में सम्यक दृष्टि आउर फोटो साउथ एशिया अनुदान आ साल 2021 में एम्पलीफाई अनुदान मिलल रहे. एकरा बाद साल 2022 में उहां के पहिल दयानिता सिंह-पारी डॉक्यूमेंट्री फोटोग्राफी अवार्ड से नवाजल गइल. पलानी तमिलनाडु के मैला ढोवे वाली मजूरन पर, तमिल में बनल डॉक्यूमेंट्री 'कक्कूस' (शौचालय) के सिनेमाटोग्राफर भी रह चुकल बानी.
Editor
S. Senthalir
एस. सेंतलिर, पीपुल्स आर्काइव ऑफ़ रूरल इंडिया में वरिष्ठ संपादक आउर 2020 के पारी फेलो बानी. उहां के लिंग, जाति आउर मजदूर जइसन विषय पर रिपोर्ट करेनी आउर वेस्टमिंस्टर यूनिवर्सिटी में चेवेनिंग साउथ एशिया जर्नलिज्म प्रोग्राम के साल 2023 के फेलो भी बानी.