खरेंगा गाँव के एक झिन खेत मजूर हीरौंडी साहू कहिथे, “कुछु काम बूता नई रहिस (चढ़ती लॉकडाउन बखत). ओ बखत सब्बो कुछु बंद हो गे. फेर खरीफ खेती के समे आगे अऊ हमन बूता करे बर आगेन,”
धमतरी में श्रम विभाग के एक झिन अफसर हा मोला बताइस के लॉकडाउन के बखत देश भर के अलग-अलग जगा ले 20 जुलाई तक ले लगभग 1,700 मनखे मन लहुंट आय रहिन. ये मं पढ़इय्या लईका,नौकरिहा अऊ 700 मजूर रहिन. धमतरी के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डीके तुरे ह मोला बताईस, छत्तीसगढ़ ह अभू तक ले लगभग 10,500 कोविड -19 मामला के पुष्टि करे हवय. जिला मं अब तक ले कोविड-19 के 48 मामला सामने आय हवय.
हीरौंडी के अइसन गोहड़ी मं दर्री गांव के चंद्रिका साहू रहिस. ओकर दू झिन बेटी अऊ एक झिन बेटा हवय. एक झिन कालेज में पढ़त हे त दू झिन कच्छा 10 अऊ 12 मं. वो हा कहिथे, मोर घरवाला मजूर रहिस, एक दिन वोकर एक्सीडेंट मं गोड़ हा टूटगे. वोकर बाद ले वो हा काम-बूता नई करे सकिस अऊ तीन बछर पहिले आत्महत्या कर लिस. चंद्रिका के कमई ले ओकर परिवार के गुजारा चलथे. वोला हर महिना 350 रुपिया विधवा पेंशन मिलथे अऊ ये परिवार करा बीपीएल राशन कार्ड हवय.
हमन जतके मजूर मन ले गोठ बात करेन,वो सब्बो मन कोविड-19 के बारे मं जानत रहिन. कुछेक मन कहिन के वो मन ला एकर कोनो परवाह नई ये. कुछेक दूसर मन कहिन के बूता करे बखत वइसे घलो वो मन दुरिहा बना के रहिथें, जेन ह ठीक रहिस. सबिता के गोहड़ी के भुजबल साहू नांव के एक झिन मजूर कहिथे, हमन सीधा घाम मं बूता करथन जेकर सेती हमन ला कोरोना होय के संभावना कम हे.वो हा कहिथे, "एक घाओ जेन ला हो जाथे, त वोला मार डरथे,फेर हमन एकर ले नई डेरावन काबर के हमन मजूर अन."
ओहर कहिथे, धान के बुवई अऊ रोपई 15 दिन तक ले चलही, "एकर बाद हमर करा कोनो बूता-काम नई होही," जिला के धमतरी और कुरुद अइसने अकेल्ला ब्लॉक आंय जिंहाँ अपासी होथे तेकरे सेती इहाँ के किसान मन दु पंइत धान के खेती करथें, अऊ दुनों मौसम बर खेती के काम मिलत रहिथे. भुजबल हा कहिथे, "हमन ला अऊ बूता करे के जरुरत हवय."