गलती के कवनो गुंजाइश नइखे
अमन कान साफ करे खातिर ग्राहक के कान में सलाई डालत बाड़ें. उनकर पूरा ध्यान आपन हाथ पर बा. सलाई के नोक पर रुई के एगो छोट टुकड़ा लगावल बा. हाथ खूब आहिस्ता आहिस्ता चलत बा. अंगुरी कहीं तनिको गलत पड़ गइल, त कान से खून निकल आई. ऊ रउआ याद करइहें, “बस कान के मइल निकाले के बा.”
एगो बहुत घना पीपल के गाछ तरे बइठ के ऊ पारी से बतियावत बाड़ें. उनकरा लगे एगो करिया झोला बा. ओह में सलाई (सूई जइसन कवनो यंत्र), चिमटी आउर रुई रखल बा. एकरा अलावा बैग में खास जड़ी बूटी वाला एगो तेल के बोतल भी बा. ई तेल कान साफ करे के ओह लोग के खानदानी आउर गुप्त नुस्खा बा.
“सलाई से मैल बाहर निकालते हैं और चिमटी से खींच लेते हैं (सलाई से मैल बाहिर निकालेनी आउर चिमटी से खींच लेवेनी).” औषधीय गुण से भरल ई तेल तब इस्तेमाल कइल जाला जब कान में गांठ (मैल जमे से बनल ढेला) पड़ जाला. “हमनी कान में कवनो तरह के इंफेक्शन के इलाज ना करिले. हमनी के काम खाली मैल हटावल ह. एकरा अलावा कान में कवनो तरह के खुजली हो जाव त ओकरा दूर कइल बा.” ऊ सावधान करत बाड़ें कि कान के सफाई ठीक ढंग से ना होखे से कान में दरद, चाहे खुजली हो जाला. खुजली के इलाज ठीक से ना भइल त कान के इंफेक्शन पैदा ले लेवेला.










