हमन वो मन ले पूछेन के 60 बछर पहिली जब भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ह दू हिस्सा होगे, त दूनों अलग-अलग रद्दा मं निकर परेव. काय दूनों के मन मं एक-दूसर उपर कऊनो दुख नइ होईस? आखिर ये बंटवारा बने ढंग ले नइ होय रहिस.
नल्लकन्नु कहिथें, “फेर हमन ओकर बाद घलो कतको मुद्दा अऊ आन्दोलन मं संग मिलके काम करेन. पहिली के जइसनेच. एक-दूसर मं हमर बेवहार नइ बदलिस.”
शंकरैया कहिथें, “अभू घलो जब हमन मिलथन, जइसने एकेच पार्टी के हवन.”
हमन ओकर ले पूछेन के ये बखत देश मं बढ़त दंगा फसाद अऊ नफरत ला लेके ओकर काय बिचार हवंय? काय वोला देस के अस्तित्व उपर खतरा मंडरावत नजर आवत हे? आखिर बात वो देस के आय कें ला आजादी दिलाय मं ओकर घलो भागीदारी रहे हवय.
नल्लकन्नू कहिथे, “आजादी के लड़ई बखत अइसने घलो बखत आय रहिस, जब चीज मन धुंधला नजर आवत रहिन. हमन ले कहे गे रहिस के तुमन जीते नइ सकव. तुमन दुनिया के सबले बड़े राज के खिलाफ लड़त हव. हमन ले कुछेक के घर के लोगन मन हमन ला ये लड़ई ले दूरिहा रहे बर चेताय रहिन. फेर हमन कभू वो चेताय अऊ धमकाय ला मन मं नइ रखेन अऊ लड़ेंन, येकरे सेती हमन आज आजाद हवन.”
दूनों के कहना आय के पूरा देस भर मं बड़े एकता बनाय के जरूरत हवय. जेकर ले बीते बखत जइसने एक दूसर के हाथ ला धर सकंय अऊ दूसर ले सीखे सकंय. आरएनके कहिथे, “जिहां तक ले मोला सुरता हवय, ईएमएस [नंबूदिरीपाद] के खोली मं घलो गांधी के फोटू लगे रहिस.”
देस के ये बखत के हालत ला जानत घलो वो दूनों अतक धीर अऊ आस ले भरे कइसने हंवय, फेर हम जइसने लाखों करोड़ों लोगन मन ओकर ले डेर्राय हवन? नल्लकन्नू अपन खांध ला उचकावत कहिथे, “हमन येकरे ले घलो खराब बखत देखे हवन.”
आखिर मं:
स्वतंत्रता दिवस, 2022 मं – जऊन बखत तक द लास्ट हीरोज: फुटसोल्जर्स ऑफ इंडियन फ्रीडम पहिलीच ले छपे बर जाय चुके रहिस, तमिलनाडु सरकार ह आरएनके ला थगैसल थमिझार पुरस्कार ले सम्मानित करिस. ये ह तमिलनाडु के सबले बड़े सम्मान आय, जेन ला साल 2021 मं स्थापित करे गे रहिस, जऊन ला राज अऊ तमिल समाज बर अपन बड़े योगदान देवेइय्या प्रतिष्ठित मइनखे ला देय जाथे. 10 लाख रूपिया नगद पुरस्कार के संग, येला फोर्ट सेंट जॉर्ज के प्राचीर मं मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के हाथ ले आरएनके ला सौंपे गीस.
अनुवाद: निर्मल कुमार साहू