सलमा और विजय, ख़ानाबदोश लोहार समुदाय से हैं और हरियाणा के बहालगढ़ बाज़ार की सड़क पर बनी झुग्गियों में रहकर काम करते हुए अपनी ज़िंदगियां गुज़ार रहे हैं. यहां निकाले जाने के ख़ौफ़ में जीते हुए दोनों चलनी, फावड़े, हथौड़े, कुल्हाड़ी, छेनियां और बहुत सी दूसरी चीज़ें बनाते और बेचते हैं
स्थिती मोहंती, हरियाणा की अशोका यूनिवर्सिटी में अंग्रेज़ी साहित्य और मीडिया स्टडीज़ की एक अंडर ग्रेजुएट स्टूडेंट हैं. वह ओडिशा के कटक की निवासी हैं और शहरी व ग्रामीण विषयों के गंतव्य-बिंदुओं के अध्ययन में रुचि लेती हैं. साथ ही उनकी दिलचस्पी इस सवाल में भी है कि भारत के लोगों के लिए ‘विकास’ का क्या अर्थ है.
Editor
Swadesha Sharma
स्वदेशा शर्मा, पीपल्स आर्काइव ऑफ़ रूरल इंडिया में रिसर्चर और कॉन्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. वह स्वयंसेवकों के साथ मिलकर पारी लाइब्रेरी पर प्रकाशन के लिए संसाधनों का चयन करती हैं.
Translator
Prabhat Milind
प्रभात मिलिंद, शिक्षा: दिल्ली विश्विद्यालय से एम.ए. (इतिहास) की अधूरी पढाई, स्वतंत्र लेखक, अनुवादक और स्तंभकार, विभिन्न विधाओं पर अनुवाद की आठ पुस्तकें प्रकाशित और एक कविता संग्रह प्रकाशनाधीन.