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North 24 Parganas, West Bengal

May 29, 2024

‘मैं नींद में भी सिलिका की धूल फांकता था’

पश्चिम बंगाल के 24 परगना ज़िले के सन्देशखली और मिनाखान प्रखंडों के जो प्रवासी मज़दूर राज्य के दूसरे हिस्सों की रैमिंग मास इकाइयों में काम करने गए थे, उन्हें कुछ सालों के भीतर ही सिलिकोसिस के रोग से ग्रस्त होकर वापस जाना पड़ा. निराशा में डूबे हुए वह कहते हैं कि 2024 के आम चुनावों के बाद भी उनके लिए कुछ नहीं बदलेगा

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Author

Ritayan Mukherjee

रितायन मुखर्जी, कोलकाता के फ़ोटोग्राफर हैं और पारी के सीनियर फेलो हैं. वह भारत में चरवाहों और ख़ानाबदोश समुदायों के जीवन के दस्तावेज़ीकरण के लिए एक दीर्घकालिक परियोजना पर कार्य कर रहे हैं.

Editor

Sarbajaya Bhattacharya

सर्वजया भट्टाचार्य, पारी के लिए बतौर सीनियर असिस्टेंट एडिटर काम करती हैं. वह एक अनुभवी बांग्ला अनुवादक हैं. कोलकाता की रहने वाली सर्वजया शहर के इतिहास और यात्रा साहित्य में दिलचस्पी रखती हैं.

Translator

Prabhat Milind

प्रभात मिलिंद, शिक्षा: दिल्ली विश्विद्यालय से एम.ए. (इतिहास) की अधूरी पढाई, स्वतंत्र लेखक, अनुवादक और स्तंभकार, विभिन्न विधाओं पर अनुवाद की आठ पुस्तकें प्रकाशित और एक कविता संग्रह प्रकाशनाधीन.