पान के एगो खिल्ली खात, ऊ कहलन, “एको आदमी बता दीहीं, जेकरा कव्वाली नीमन ना लागत होखो! ई अइसन कला बा जेकर मुरीद सभे बा.” पान जइसहीं उनकर मुंह में घुले लागेला, ऊ आपन प्रेम, कव्वाली के बारे में आउरो बतावे लगलन, “पब्लिक को खुस करने का. बस्स (लोग के खुस करे के बा, बस्स)!”
‘पांव में बेड़ी, हाथों में कड़ा रहने दो, उसको सरकार की चौखट पर पड़ा रहने दो... (पांव में बेड़ी, हाथ में कड़ा रहे द, उनका सरकार के चौखट पर पड़ल रहे द)’ ई धुन हमरा एहो हिंदी फिलिम के सदाबहार गीत के इयाद दिलावता.
एह दरगाह पर इबादत करे आवे वाला लोग के एह बात से कवनो फरक ना पड़े कि ऊ आपन कव्वाली में बॉलीवुड के धुन इस्तेमाल करेलन. उनकर कव्वाली से खुस होके केहू 5, त केहू 10 आ केहू 15 रुपइया दे देवेला. दरगाह के रखवाली करे वाला लोग, इबादत करे वाला लोग के तिलगुल (तिल आ गुड़) देवेला. तिलगुल के चद्दर पर चढ़ावल जाला. उहंवा सूफी लोग के आर्शीवाद लेवल जाला. मुजावर श्रद्धालु लोग के पीठ आ कान्हा पर मोर के पंख थपका के बुरा नजर से बचावे के कोसिस करेला. पीर (संत) के पइसा चढ़ावल जाला, आउर एकर कुछ हिस्सा कव्वाल खातिर अलगे से रख देवल जाला.
एह दरगाह पर एक से एक धनिक लोग आवेला, अमजद बतइलन. मजार ओरी जाए वाला रस्ता पर चढ़ावा खातिर चद्दर आ चुनरी बेचे वाला लोग के छोट-छोट दोकान बा. एह दरगाह से हरमेसा से लोग के पेट भरत आइल आउर रोजगार मिलत आइल बा.
हजरत पीर कमर अली दरवेश के नजर में हर कोई समान बा. दरगाह के सीढ़ी पर एगो फकीर भीख मांगत मिलल. उहंई देह से लाचार कुछ लोग भी पइसा मांगत रहे. नौ गज के लुगा पहिरले एगो बूढ़ हिंदू मेहरारू बाड़ी, जे नियम से रोज इहंवा आवेली. हजरत कमर अली दरवेश के पनाह में आके उनका राहत मिलेला. देह से लाचार, अनाथ आउर सभे कव्वाल लोग परवरदिगार के दया पर जिंदा बा.
अमजद ना त भीख मांगस, ना ऊ भिखारी बाड़न. ऊ त कलाकार बाड़न. भोरे 11 बजे ऊ मजार के सामने एगो ठिकाना खोज के आसन जमा लेवेलन आ उहंई ‘मंच’ सजा लेवेलन. धीरे-धीरे आउर एक के बाद एक, श्रद्धालु लोग आवे लागेला. दुपहरिया ले, मजार के चारों ओर बिछल उज्जर संगमरमर आ ग्रेनाइट के फर्श घाम से दहक उठेला. श्रद्धालु लोग आपन गोड़ जरे से बचावे खातिर कूदे आउर धउरेला. इहंवा हिंदू भक्त लोग, मुसलमान भक्त से जादे बा.
मेहरारू लोग के मजार लगे जाए के मनाही बा. एहि से मुसलमान मेहरारू लोग सहित जादे करके मेहरारू लोग बरंडा में बइठ जाला आउर आंख मूंद के कुरान के आयत पढ़ेला. ओह लोग के लगे एगो हिंदुओ मेहरारू बइठल बाड़ी. ऊ लगही के गांव से आइल बाड़ी. मानल जा रहल बा कि उनका पर कवनो आत्मा आ गइल बा. लोग कहेला, “पीरचा वारा (पीर के आत्मा).”