a-lifetime-of-handcrafting-morchangs-chh

Jaisalmer, Rajasthan

Jul 25, 2024

सरी जिनगी हाथ ले मोरचंग गढ़त

मोहनलाल लोहार 50 बछर ले घलो जियादा बखत ले मोरचंग ब गढ़त हवय. राजस्थान के रेत के टीला मन मं ये बाजा के धुन ला सुने जा सकत हे

Want to republish this article? Please write to zahra@ruralindiaonline.org with a cc to namita@ruralindiaonline.org

Author

Sanket Jain

संकेत जैन महाराष्ट्र के कोल्हापुर मं बसे पत्रकार आंय. वो ह 2022 PRI सीनियर फेलो अऊ 2019 PRI के फेलो आंय.

Editor

Siddhita Sonavane

सिद्धिता सोनावने पीपुल्स आर्काइव ऑफ़ रूरल इंडिया मं कंटेंट एडिटर हवंय. वो ह 2022 मं एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय, मुंबई ले मास्टर डिग्री पूरा करे हवंय अऊ ओकर अंग्रेजी विभाग मं विजिटिंग फैकल्टी आंय.

Translator

Nirmal Kumar Sahu

निर्मल कुमार साहू पारी के छत्तीसगढ़ी अनुवाद संपादक आंय. पत्रकार अऊ अनुवादक के रूप मं वो ह छत्तीसगढ़ी अऊ हिंदी दूनों भाखा मं काम करत हवंय. निर्मल ला छत्तीसगढ़ के प्रमुख समाचार पत्र मन मं तीन दसक के अनुभव हवय अऊ वो ह ये बखत देशडिजिटल न्यूज़ पोर्टल के प्रधान संपादक हवंय.