लॉकडाउन-में-लाल-चींटियों-का-प्रवासी-मार्च

Ahmedabad, Gujarat

Jul 06, 2020

लॉकडाउन में मार्च करतीं लाल चींटियां

जिस इंसान के घर पर रात के खाने में चाइनीज़-थाई व्यंजन बनाने की तैयारी चल रही हो वह कब तक अपने गांवों की ओर लौट रहे भूखे प्रवासी मज़दूरों को आधे रास्ते में फंसा देख सकती है? समाज में घर कर गई उदासीनता और असमानता के मुद्दे पर दिल को छूने वाली एक कविता

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Author

Pratishtha Pandya

प्रतिष्ठा पांड्या, पारी में बतौर वरिष्ठ संपादक कार्यरत हैं, और पारी के रचनात्मक लेखन अनुभाग का नेतृत्व करती हैं. वह पारी’भाषा टीम की सदस्य हैं और गुजराती में कहानियों का अनुवाद व संपादन करती हैं. प्रतिष्ठा गुजराती और अंग्रेज़ी भाषा की कवि भी हैं.

Translator

Qamar Siddique

क़मर सिद्दीक़ी, पीपुल्स आर्काइव ऑफ़ रुरल इंडिया के ट्रांसलेशन्स एडिटर, उर्दू, हैं। वह दिल्ली स्थित एक पत्रकार हैं।