बंगाल और बड़ौदा साथ मिलकर गढ़ते हैं गणपति की अद्भुत मूर्तियां
वड़ोदरा में पश्चिम बंगाल से गए प्रवासी मूर्तिकार इस कला में अपने गृहराज्य के स्थानीय प्रभावों का सुंदर समायोजन करते हैं. शहर में तपन मंडल जैसे कुछ मूर्तिकार अपना ख़ुद का मूर्तिखाना चलाते हैं, जबकि बहुत से ऐसे कारीगर भी हैं जो आजीविका के लिए खेतिहर मज़दूरी, घरों में रंग-रोगन, और कई तरह के दूसरे काम भी करते हैं
उज्ज्वल कृष्णम साल 2018 में बड़ौदा में स्थित महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग में शोधकर्ता रह चुके हैं. वह पूर्व में एकेडेमिया.एडु और विकिप्रोजेक्ट्स के संपादक थे, और उन्होंने गेटी इमेजेज़ में अपना योगदान दिया. वह भारतीय राजनीति और न्यायशास्त्र पर लिखते भी रहे हैं.
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Prabhat Milind
प्रभात मिलिंद, शिक्षा: दिल्ली विश्विद्यालय से एम.ए. (इतिहास) की अधूरी पढाई, स्वतंत्र लेखक, अनुवादक और स्तंभकार, विभिन्न विधाओं पर अनुवाद की आठ पुस्तकें प्रकाशित और एक कविता संग्रह प्रकाशनाधीन.