तमिलनाडु के आदिवासी समुदाय, इरुला के लिए खाने योग्य जंगली पौधे लंबे समय से भोजन का स्रोत रहे हैं। लेकिन कम होते वनों और काम के अनिश्चित विकल्पों के कारण, अब वे उम्मीद कर रहे हैं कि शिक्षा से बेहतर दिन आएंगे
स्मिता तुमुलुरु, बेंगलुरु की डॉक्यूमेंट्री फ़ोटोग्राफ़र हैं. उन्होंने पूर्व में तमिलनाडु में विकास परियोजनाओं पर लेखन किया है. वह ग्रामीण जीवन की रिपोर्टिंग और उनका दस्तावेज़ीकरण करती हैं.
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Qamar Siddique
क़मर सिद्दीक़ी, पीपुल्स आर्काइव ऑफ़ रुरल इंडिया के ट्रांसलेशन्स एडिटर, उर्दू, हैं। वह दिल्ली स्थित एक पत्रकार हैं।