धर्मावरम के प्रसिद्ध हैंडलूम उद्योग के धीमे पतन के बावजूद, शंकर धनंजय कड़ी मेहनत करके समृद्धि हासिल करने का प्रयास कर रहे थे. लेकिन साल 2016 में हुए नीतिगत बदलावों और क़र्ज़ ने 35 साल की उम्र में उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया
राहुल एम, आंध्र प्रदेश के अनंतपुर के रहने वाले एक स्वतंत्र पत्रकार हैं और साल 2017 में पारी के फ़ेलो रह चुके हैं.
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Sharmila Joshi
शर्मिला जोशी, पूर्व में पीपल्स आर्काइव ऑफ़ रूरल इंडिया के लिए बतौर कार्यकारी संपादक काम कर चुकी हैं. वह एक लेखक व रिसर्चर हैं और कई दफ़ा शिक्षक की भूमिका में भी होती हैं.
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Vatsala da Cunha
वत्सला ड कूना, बेंगलुरु में स्थित आर्किटेक्ट हैं. उनका काम आर्किटेक्चर के शिक्षण में भाषा और आर्किटेक्चर के संबंध पर केंद्रित रहा है. उनका मानना है कि भारत की बहुरंगी, समृद्ध, और सूक्ष्मता से भरी बहुभाषिकता, हमारी सबसे महत्वपूर्ण विरासत है और नई कल्पनाओं का स्रोत भी है.