यह एक मार्गदर्शित प्रवास है, जिसे भैसें चरागाहों के निर्देश पर करती हैं. प्रत्येक वर्ष ओड़िशा के जगतसिंहपुर ज़िले में पालतू भैसों को बड़ी संख्या में देवी नदी पार कराते हैं. ये भैंसे तैरने में माहिर होती हैं. यह प्रवास कड़ी गर्मियों के महीनों में शुरू में होता है, जब इन पशुओं को अपने आहार के लिए नए चरागाहों की आवश्यकता होती है. और, उसके बाद वे तैर कर लौट आती हैं. हालांकि, यह सेरेनगेट्टी नेशनल पार्क के जैसा प्रवास नहीं होता है, इसके बावजूद यह एक अद्भुत दृश्य तो प्रस्तुत करता ही है.
मैंने भी इस सामूहिक प्रस्थान का नज़ारा एक दिन नहराना ग्रामपंचायत के निकट देखा था. यह गांव देवी नदी के किनारे ही बसा हुआ है. यह नदी तटीय ओड़िशा के जगतसिंहपुर और पुरी ज़िले से होकर बहती है, और महानदी की एक प्रमुख सहायक नदी है.






















