कोबरा (सांप) सागवान के बरियार डाढ़ पर कुंडली मरले बइठल बा. रत्ती टोला के लोग के लाख कोसिस कइला के बादो ऊ तनिको हिलत-डुलत नइखे.
गांव के लोग हार के पांच घंटा बाद मुंद्रिका यादव के बोलावत बा. ऊ बगले में पड़े वाला वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के गार्ड रह चुकल बाड़न. मुंद्रिका अबले बाघ, तेंदुआ, गैंडा आ सांप सहित 200 से बेसी जंगली जनावर सब के जिनगी बचा चुकल बाड़न.
मुंद्रिका पहुंचते सबले पहिले कोबरा के उतारे के कोसिस कइलन, आ ऊ उतरियो गइल. “ओकरा मुंह में बांस के छड़ी डाल देनी आउर रस्सी से कस के बान्ह देनी. फेरु ओकरा के बोरा में डाल के जंगल में छोड़ अइनी,” बयालीस बरिस के मुंद्रिका कहलन. “एतना कुछ करे में हमरा बस 20 से 25 मिनिट लागल.”






