देशभक्ति-में-विरोधाभास-देसी-बनाम-विदेशी-शराब

Surguja, Chhattisgarh

Jan 03, 2022

देशभक्ति में विरोधाभास: देसी बनाम विदेशी शराब

एक आधिकारिक घोषणा में सामने आया है कि मध्य प्रदेश में पिछले एक दशक में भारत में निर्मित विदेशी शराब के सेवन में 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. यह घोषणा साल 1994 में सरगुजा ज़िले में घटी एक दिलचस्प अभियान की याद दिलाती है

Translator

Amit Kumar Jha

Want to republish this article? Please write to zahra@ruralindiaonline.org with a cc to namita@ruralindiaonline.org

Author

P. Sainath

पी. साईनाथ, पीपल्स ऑर्काइव ऑफ़ रूरल इंडिया के संस्थापक संपादक हैं. वह दशकों से ग्रामीण भारत की समस्याओं की रिपोर्टिंग करते रहे हैं और उन्होंने ‘एवरीबडी लव्स अ गुड ड्रॉट’ तथा 'द लास्ट हीरोज़: फ़ुट सोल्ज़र्स ऑफ़ इंडियन फ़्रीडम' नामक किताबें भी लिखी हैं.

Translator

Amit Kumar Jha

अमित कुमार झा एक अनुवादक हैं, और उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की है.