adivasis-in-panna-tiger-reserve-dammed-futures-hi

Panna District, Madhya Pradesh

Nov 28, 2024

बेघर होने के कगार पर पन्ना के बदनसीब आदिवासी

पहले बाघों को बसाने के लिए उन्हें विस्थापित किया गया. अब केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना जंगल में रहने वाले आदिवासियों की ज़मीनें हड़प रही है. मुआवज़े से लेकर विस्थापन की तारीख़ों, और जहां उन्हें बसाया जाना है उस जगह से जुड़ी अनिश्चितताओं ने एक बार फिर से मुश्किलें बढ़ा दी हैं

Translator

Devesh

Want to republish this article? Please write to zahra@ruralindiaonline.org with a cc to namita@ruralindiaonline.org

Author

Priti David

प्रीति डेविड, पारी की कार्यकारी संपादक हैं. वह मुख्यतः जंगलों, आदिवासियों और आजीविकाओं पर लिखती हैं. वह पारी के एजुकेशन सेक्शन का नेतृत्व भी करती हैं. वह स्कूलों और कॉलेजों के साथ जुड़कर, ग्रामीण इलाक़ों के मुद्दों को कक्षाओं और पाठ्यक्रम में जगह दिलाने की दिशा में काम करती हैं.

Editor

P. Sainath

पी. साईनाथ, पीपल्स ऑर्काइव ऑफ़ रूरल इंडिया के संस्थापक संपादक हैं. वह दशकों से ग्रामीण भारत की समस्याओं की रिपोर्टिंग करते रहे हैं और उन्होंने ‘एवरीबडी लव्स अ गुड ड्रॉट’ तथा 'द लास्ट हीरोज़: फ़ुट सोल्ज़र्स ऑफ़ इंडियन फ़्रीडम' नामक किताबें भी लिखी हैं.

Translator

Devesh

देवेश एक कवि, पत्रकार, फ़िल्ममेकर, और अनुवादक हैं. वह पीपल्स आर्काइव ऑफ़ रूरल इंडिया के हिन्दी एडिटर हैं और बतौर ‘ट्रांसलेशंस एडिटर: हिन्दी’ भी काम करते हैं.