मैं-केवल-जीवित-रह-सकता-हूं-अपनी-ज़िंदगी-नहीं-जी-सकता

Mumbai, Maharashtra

Jan 12, 2021

‘मैं केवल जीवित रह सकता हूं, अपनी ज़िंदगी नहीं जी सकता’

मुंबई में रहने वाले बिहार के एक 27 वर्षीय प्रवासी श्रमिक बता रहे हैं कि लॉकडाउन के दौरान घर तक की यात्रा करना कितना कठिन था, और उनके वर्तमान और भविष्य पर इस शहर की पकड़ कितनी मज़बूत है

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Author

Chaitra Yadavar

चैत्रा यादवर मुंबई में स्थित एक फिल्म निर्माता और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वह सामाजिक क्षेत्र के संगठनों के लिए वृत्तचित्र बनाती और निर्देशित करती हैं।

Translator

Qamar Siddique

क़मर सिद्दीक़ी, पीपुल्स आर्काइव ऑफ़ रुरल इंडिया के ट्रांसलेशन्स एडिटर, उर्दू, हैं। वह दिल्ली स्थित एक पत्रकार हैं।