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Parbhani, Maharashtra

Feb 08, 2025

‘हम जैसे मज़दूरों को शायद ही कुछ मिले!’

साल 2025 के केंद्रीय बजट का महाराष्ट्र के परभणी ज़िले में रहने वाले सैयद ख़ुर्शीद के रोज़मर्रा के जीवन से कुछ ख़ास लेना-देना नहीं है, जिनका परिवार तीन पीढ़ियों से दर्ज़ी का काम करता रहा है

Translator

Pratima

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Author

Parth M.N.

पार्थ एम एन, साल 2017 के पारी फ़ेलो हैं और एक स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर विविध न्यूज़ वेबसाइटों के लिए रिपोर्टिंग करते हैं. उन्हें क्रिकेट खेलना और घूमना पसंद है.

Editor

Dipanjali Singh

दीपांजलि सिंह, पीपल्स आर्काइव ऑफ़ रूरल इंडिया में सहायक संपादक हैं. वह पारी लाइब्रेरी के लिए दस्तावेज़ों का शोध करती हैं और उन्हें सहेजने का काम भी करती हैं.

Translator

Pratima

प्रतिमा एक काउन्सलर हैं और बतौर फ़्रीलांस अनुवादक भी काम करती हैं.