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Shivpuri, Madhya Pradesh

Mar 25, 2025

‘हम जैसे कमज़ोरों को कहां कोई मौक़ा मिल पाता है?’

खुमनिया कफ़ार गांव की सरपंच हैं और सहरिया आदिवासी समुदाय से ताल्लुक़ रखती हैं. सरकार मध्य प्रदेश के पंचायतों में उनके जैसी महिलाओं की भागीदारी का ढोल पीट रही है, जबकि असल सत्ता जिनके हाथों में है वो उन्हें पंचायत में घुसने भी नहीं देते

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Author

Satish Malviya

सतीश मालवीय, भोपाल के घुमंतू पत्रकार हैं और नदियों की यात्रा में रुचि रखते हैं. वह आदिवासी समुदायों, नदियों, पर्यावरण और मानवाधिकार से जुड़े मुद्दे कवर करते हैं.

Editor

Devesh

देवेश एक कवि, पत्रकार, फ़िल्ममेकर, और अनुवादक हैं. वह पीपल्स आर्काइव ऑफ़ रूरल इंडिया के हिन्दी एडिटर हैं और बतौर ‘ट्रांसलेशंस एडिटर: हिन्दी’ भी काम करते हैं.