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Ahilyanagar, Maharashtra

Aug 20, 2025

आस्था की ज़मीन पर खड़ी अंधविश्वास की ‘सुनहरी’ फ़सल

महाराष्ट्र के अहिल्यानगर ज़िले के एक प्रसिद्ध मंदिर ट्रस्ट ने ‘श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देने के लिए ब्रह्माण्ड से सूक्ष्म ऊर्जा तरंगों को क़ैद करने’ के उद्देश्य से सोने के जंतर ज़मीन में गाड़ दिए. यह स्थान अब भी राज्य का एक लोकप्रिय तीर्थ स्थल है

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Binaifer Bharucha

Translator

Prabhat Milind

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Author

Parth M.N.

पार्थ एम एन, साल 2017 के पारी फ़ेलो हैं और एक स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर विविध न्यूज़ वेबसाइटों के लिए रिपोर्टिंग करते हैं. उन्हें क्रिकेट खेलना और घूमना पसंद है.

Editor

P. Sainath

पी. साईनाथ, पीपल्स ऑर्काइव ऑफ़ रूरल इंडिया के संस्थापक संपादक हैं. वह दशकों से ग्रामीण भारत की समस्याओं की रिपोर्टिंग करते रहे हैं और उन्होंने ‘एवरीबडी लव्स अ गुड ड्रॉट’ तथा 'द लास्ट हीरोज़: फ़ुट सोल्ज़र्स ऑफ़ इंडियन फ़्रीडम' नामक किताबें भी लिखी हैं.

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Binaifer Bharucha

बिनाइफ़र भरूचा, मुंबई की फ़्रीलांस फ़ोटोग्राफ़र हैं, और पीपल्स आर्काइव ऑफ़ रूरल इंडिया में बतौर फ़ोटो एडिटर काम करती हैं.

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Prabhat Milind

प्रभात मिलिंद, शिक्षा: दिल्ली विश्विद्यालय से एम.ए. (इतिहास) की अधूरी पढाई, स्वतंत्र लेखक, अनुवादक और स्तंभकार, विभिन्न विधाओं पर अनुवाद की आठ पुस्तकें प्रकाशित और एक कविता संग्रह प्रकाशनाधीन.