मुरझागे-मौहा-टूटत-टूकना-अउ-काठ-होगे-हाट

Dhamtari, Chhattisgarh

May 14, 2022

मुरझागे मौहा, टूटत टूकना अउ काठ होगे हाट

कोरोना लाकडाउन हा छत्तीसगढ़ के कमजोर कमार आदिवासी मन के कनिहा ला तोर के राख दिस हवय. टुकना बनाके अऊ मौहा बीन संकेल के जिनगी चलावत ये कमजोर आदिवासी मन के आमदनी टूट गे हवय

Want to republish this article? Please write to zahra@ruralindiaonline.org with a cc to namita@ruralindiaonline.org

Author

Purusottam Thakur

पुरुषोत्तम ठाकुर 2015 परी फेलो आय.वो हा पत्रकार अउ वृत्तचित्र फिल्म निर्माता आय. ये बखत अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के संग काम करत हंवय.समाज के परिवर्तन बार कहिनी लिखत हंवय.

Translator

Nirmal Kumar Sahu

निर्मल कुमार साहू पारी के छत्तीसगढ़ी अनुवाद संपादक आंय. पत्रकार अऊ अनुवादक के रूप मं वो ह छत्तीसगढ़ी अऊ हिंदी दूनों भाखा मं काम करत हवंय. निर्मल ला छत्तीसगढ़ के प्रमुख समाचार पत्र मन मं तीन दसक के अनुभव हवय अऊ वो ह ये बखत देशडिजिटल न्यूज़ पोर्टल के प्रधान संपादक हवंय.