13 अगस्त, 2024 मं एक ठन जुवाब मं (जेकर नकल परी करा हवय), केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी)ह बुड्डा नरवा मं गंदगी के हालत ला लेके नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ला जुवाब दे हवय. ये मं लिखे गे हवय के शहर मं तीन ठन कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीइटीपी) “पर्यावरन, वन अऊ जलवायु परिवर्तन मंत्रालय डहर ले जारी पर्यावरन मंजूरी मं तय निपटान शर्त के पालन करत नइ पाय गे हवंय.”
सीपीसीबी ह एनजीटी ला बताइस के वो ह 12 अगस्त, 2024 मं पीपीसीबी ला “पर्यावरन ला होय नुकसान के हरजाना भरे समेत उचित कार्रवाई करे के निर्देश जारी करे रहिस. पीपीसीबी ह बदला मं एक ठन पिछला रिपोर्ट मं माने हवय के बुड्डा नरवा के पानी लोय के लइक नइ ये. कार्यकर्ता मन सवाल करिन, गर ये ह खेती के लइक नइ ये, त काय तोला लगथे के ये ह पीये के लइक हे?”
एक ठन संयुक्त बयान मं, विरोध रैली के आयोजक मन 15 सितंबर के बुड्डा नरवा ला बंद करे के अपन योजना के घोसना करिन, जेकर बाद 1 अक्टूबर 2024 तक ले बढ़ा देय गीस. ये अल्टीमेटम के बाद, पीपीसीबी ह 25 सितंबर मं तीनों सीईटीपी ले बुड्डा नरवा मं साफ करे गे कचरा गंदगी ला डारे उपर तुरते रोक लगाय के अदेस दीस. वइसे, खबर मन के मुताबिक अइसने कोनो कार्रवाई नइ होय हे.
नरवा ला रोकेके छोड़, कार्यकर्ता मन 1 अक्टूबर के दिन लुधियाना मं फिरोजपुर रोड मं धरना दीन अऊ सरकार ला 3 दिसंबर,2024 तक कार्रवाई करे के अल्टीमेटम दीन.
बलजीत कौर सरकारी सर्वे अऊ वादा ले हतास होके कहिथे, “कभू-कभू कोनो बुड्डा नरवा ले नमूना ले जाथे, फेर कुछु नइ होवय.अब तो ये गंदगी ला रोके जाय ला चाही धन हमन ला साफ पानी दे जाय चाही जेकर ले हमर अवेइय्या नवा पीढ़ी जिये सकय.”
अनुवाद: निर्मल कुमार साहू