महिला-किसानों-को-नया-क़ानून-नहीं-चाहिए

Pune, Maharashtra

Dec 18, 2020

‘महिला किसानों को नया क़ानून नहीं चाहिए’

भारत में महिलाएं कृषि में केंद्रीय भूमिका निभाती हैं, लेकिन उन्हें कभी किसान के रूप में मान्यता नहीं दी जाती — पिछले हफ्ते उनमें से कई महिलाएं नए कृषि क़ानूनों को ख़त्म करने के आह्वान का समर्थन करते हुए पुणे में एकत्र हुईं

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Author

Vidya Kulkarni

विद्या कुलकर्णी पुणे में स्थित एक स्वतंत्र लेखक और फोटोग्राफर हैं। वह महिलाओं के अधिकारों के मुद्दों को कवर करती हैं।

Translator

Qamar Siddique

क़मर सिद्दीक़ी, पीपुल्स आर्काइव ऑफ़ रुरल इंडिया के ट्रांसलेशन्स एडिटर, उर्दू, हैं। वह दिल्ली स्थित एक पत्रकार हैं।