बामोन या ‘पवित्र रसोइया’ (जिसे इस फिल्म में दिखाया गया है) मणिपुर के वैष्णवों की किसी भी सार्वजनिक दावत का अभिन्न हिस्सा होता है। वैष्णव संप्रदाय, जैसा कि मणिपुर में प्रचलित है, बंगाल की पारंपरिक प्राकृतिक मान्यताओं और प्रभावों का एक अनूठा मिश्रण है। मणिपुर के सबसे बड़े जातीय समूह, मेइतेइ ने बहुत पहले वैष्णव संप्रदाय को अपनाया था।
ब्राह्मण पुजारी जहां एक ओर विवाह, जन्म या मृत्यु के दौरान अनुष्ठान करते हैं, वहीं इन समारोहों या दावतों के दौरान भोजन और प्रसाद बांटने का काम ब्राह्मण रसोइये करते हैं, जो समारोह में आमंत्रित किए गए सभी लोगों के लिए खाना बनाते हैं और उन्हें भोजन परोसते हैं।


