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Baksa, Assam

Sep 20, 2023

बगरीबारी: जहां नदी सबकुछ लील जाती है

ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी पुठिमारी में आने वाली सालाना मानसूनी बाढ़ इसके किनारे रहने वालों के लिए निरंतर चिंता का कारण बनी रहती है. बाढ़ का पानी खेत, खड़ी फ़सलों और यहां तक कि उनके करघे भी बर्बाद कर जाता है, और बहुत से बाशिंदों के पास मज़दूरी के सिवाय कोई विकल्प नहीं बचता. महंगे तटबंध बनाने का भी कोई फ़ायदा नहीं हुआ है

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Author

Wahidur Rahman

वाहिद-उर-रहमान, असम के गुवाहाटी में स्थित स्वतंत्र पत्रकार व संवाददाता हैं.

Author

Pankaj Das

पंकज दास, पीपल्स आर्काइव ऑफ़ रूरल इंडिया के लिए असमिया भाषा के ट्रांसलेशंस एडिटर के तौर पर काम करते हैं. गुवाहाटी में रहने वाले पंकज लोकलाइज़ेशन एक्सपर्ट की भूमिका में यूनिसेफ़ के लिए भी कार्यरत हैं. वह नियमित तौर पर idiomabridge.blogspot.com पर ब्लॉग भी लिखते हैं.

Photographs

Pankaj Das

पंकज दास, पीपल्स आर्काइव ऑफ़ रूरल इंडिया के लिए असमिया भाषा के ट्रांसलेशंस एडिटर के तौर पर काम करते हैं. गुवाहाटी में रहने वाले पंकज लोकलाइज़ेशन एक्सपर्ट की भूमिका में यूनिसेफ़ के लिए भी कार्यरत हैं. वह नियमित तौर पर idiomabridge.blogspot.com पर ब्लॉग भी लिखते हैं.

Editor

Sarbajaya Bhattacharya

सर्वजया भट्टाचार्य, पारी के लिए बतौर सीनियर असिस्टेंट एडिटर काम करती हैं. वह एक अनुभवी बांग्ला अनुवादक हैं. कोलकाता की रहने वाली सर्वजया शहर के इतिहास और यात्रा साहित्य में दिलचस्पी रखती हैं.

Translator

Ajay Sharma

अजय शर्मा एक स्वतंत्र लेखक, संपादक, मीडिया प्रोड्यूसर और अनुवादक हैं.