जीआई प्रमाणन के बावजूद, नीलगिरी की विशिष्ट टोडा कढ़ाई की व्यापक रूप से नक़ल की जा रही है. कारीगरों की गिरती संख्या और सामूहिक हस्तक्षेप की कमी के साथ-साथ, डिज़ाइनों की चोरी इस शिल्प कला के भविष्य को अनिश्चितता में ढकेल रही है
प्रीति डेविड, पारी की कार्यकारी संपादक हैं. वह मुख्यतः जंगलों, आदिवासियों और आजीविकाओं पर लिखती हैं. वह पारी के एजुकेशन सेक्शन का नेतृत्व भी करती हैं. वह स्कूलों और कॉलेजों के साथ जुड़कर, ग्रामीण इलाक़ों के मुद्दों को कक्षाओं और पाठ्यक्रम में जगह दिलाने की दिशा में काम करती हैं.
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Qamar Siddique
क़मर सिद्दीक़ी, पीपुल्स आर्काइव ऑफ़ रुरल इंडिया के ट्रांसलेशन्स एडिटर, उर्दू, हैं। वह दिल्ली स्थित एक पत्रकार हैं।