मलकानगिरी-साप्ताहिक-हाट-में-जीवन-की-बाट-जोहते-धुरुआ

Malkangiri, Odisha

Aug 19, 2021

मलकानगिरी: साप्ताहिक हाट में जीवन की बाट जोहते धुरुआ

ओडिशा के मलकानगिरी ज़िले के आदिवासी अपने उत्पाद बेचने के लिए हाट या ग्रामीण बाज़ारों पर निर्भर रहते हैं. हालांकि, कई बार वे वहां तक पहुंच नहीं पाते

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Author

P. Sainath

पी. साईनाथ, पीपल्स ऑर्काइव ऑफ़ रूरल इंडिया के संस्थापक संपादक हैं. वह दशकों से ग्रामीण भारत की समस्याओं की रिपोर्टिंग करते रहे हैं और उन्होंने ‘एवरीबडी लव्स अ गुड ड्रॉट’ तथा 'द लास्ट हीरोज़: फ़ुट सोल्ज़र्स ऑफ़ इंडियन फ़्रीडम' नामक किताबें भी लिखी हैं.

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Devesh

देवेश एक कवि, पत्रकार, फ़िल्ममेकर, और अनुवादक हैं. वह पीपल्स आर्काइव ऑफ़ रूरल इंडिया के हिन्दी एडिटर हैं और बतौर ‘ट्रांसलेशंस एडिटर: हिन्दी’ भी काम करते हैं.