बेलतांगड़ी-की-गायें-और-हुकरप्पा-की-घंटी

Dakshina Kannada district, Karnataka

May 27, 2022

बेलतांगड़ी की गायें और हुकरप्पा की घंटी

कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ ज़िले के शिबाजे गांव में, गायों के गले में बांधने के लिए बांस की घंटी बनाने वाले आख़िरी बचे कारीगरों में से एक हुकरप्पा, प्रस्तुत वीडियो स्टोरी में इसके शिल्प से जुड़ी जटिलताओं की व्याख्या करते हैं

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Reporter

Vittala Malekudiya

विट्ठल मालेकुड़िया एक पत्रकार हैं और साल 2017 के पारी फेलो हैं. दक्षिण कन्नड़ ज़िले के बेलतांगाड़ी तालुक के कुद्रेमुख राष्ट्रीय उद्यान में स्थित कुतलुरु गांव के निवासी विट्ठल, मालेकुड़िया समुदाय से ताल्लुक़ रखते हैं, जो जंगल में रहने वाली जनजाति है. उन्होंने मंगलुरु विश्वविद्यालय से पत्रकारिता और जनसंचार में एमए किया है, और वर्तमान में कन्नड़ अख़बार 'प्रजावाणी' के बेंगलुरु कार्यालय में कार्यरत हैं.

Editor

Vinutha Mallya

विनुता माल्या पेशे से पत्रकार और संपादक हैं. वह पूर्व में पीपल्स आर्काइव ऑफ़ रूरल इंडिया की एडिटोरियल चीफ़ रह चुकी हैं.

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Devesh

देवेश एक कवि, पत्रकार, फ़िल्ममेकर, और अनुवादक हैं. वह पीपल्स आर्काइव ऑफ़ रूरल इंडिया के हिन्दी एडिटर हैं और बतौर ‘ट्रांसलेशंस एडिटर: हिन्दी’ भी काम करते हैं.