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Dharashiv, Maharashtra

Aug 22, 2025

'आदमी मर जाता है पर क़र्ज़ है कि पीछा छोड़ता नहीं'

संजीवनी बेडगे ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू गई एक पेंशन योजना का लाभ पाने हेतु पांच साल पहले आवेदन किया था, लेकिन आज भी उन्हें यह पेंशन नहीं मिल पाई है. जबकि इस दौरान वह अपने मृत पति द्वारा एक निजी साहूकार से लिए गए भारी क़र्ज़ के बोझ के तले दबी हुई हैं

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Author

Ira Deulgaonkar

इरा देउलगांवकर, यूके के ससेक्स में स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ़ डेवलपमेंट स्टडीज़ से पीएचडी कर रही हैं. उनका शोध ग्लोबल साउथ के कमज़ोर व वंचित समुदायों पर पड़ते जलवायु परिवर्तन के प्रभाव पर केंद्रित है. इरा साल 2020 में पारी इंटर्न रह चुकी हैं.

Editor

Namita Waikar

नमिता वाईकर एक लेखक, अनुवादक, और पारी की मैनेजिंग एडिटर हैं. उन्होंने साल 2018 में ‘द लॉन्ग मार्च’ नामक उपन्यास भी लिखा है.

Translator

Pratima

प्रतिमा एक काउन्सलर हैं और बतौर फ़्रीलांस अनुवादक भी काम करती हैं.