नावों-को-भी-अपने-खेवैयों-की-याद-आ-रही-होगी

Chitrakoot, Madhya Pradesh

Apr 21, 2020

‘नावों को भी अपने खेवैयों की याद आती होगी’

कोविड-19 लॉकडाउन के कारण मध्य प्रदेश के चित्रकूट के निषाद नाविकों की आजीविका भी प्रभावित हुई है. इस समुदाय के बहुत से लोगों के पास राशन कार्ड तक नहीं है. सुषमा देवी, जो एक गर्भवती मां और विधवा औरत हैं, उन्हीं में से एक हैं

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Author

Jigyasa Mishra

जिज्ञासा मिश्रा, उत्तर प्रदेश के चित्रकूट ज़िले की एक स्वतंत्र पत्रकार हैं.

Translator

Qamar Siddique

क़मर सिद्दीक़ी, पीपुल्स आर्काइव ऑफ़ रुरल इंडिया के ट्रांसलेशन्स एडिटर, उर्दू, हैं। वह दिल्ली स्थित एक पत्रकार हैं।