जुलाई 2019 मं जब पुर के पानी ओकर घर मं भरे लगिस त शुभांगी काम्बले ह अपन समान छोड़ के भाग गे. फेर निकरत बखत वो ह लहुवा-लहुवा दू ठन कापी ला धर लीस.
अवेइय्या बखत मं 175 पेज वाले ये दू ठन कापी, वो ला कतको लोगन के परान बचाय मं मदद करही.
वो बखत जब महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिला के ओकर गाँव अर्जुनवाड़, पहिली ले एक ठन अऊ बिपत कोविड-19 के कतको बढ़त मामला ले जूझत रहिस. अऊ शुभांगी ये कापी मं सफ्फा ढंग ले गाँव मं बगरे कोरोना के मामला ले जुरे जानकारी लिखे रहिस, ये मं फोने नंबर, पता, परिवार के दीगर लोगन मन के जानकारी. ओकर इलाज होय के जानकारी, सेहत ले जुड़े दीगर जानकारी घलो सामिल रहिस.
33 बछर के मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (मितानिन धन आशा) कहिथे, “कोविड रिपोर्ट (गांव मं करे गे आरटी-पीसीआर जाँच) सबले पहिली मोर करा आही.” वो ह भारत के गाँव-देहात सेती 2005 के स्वास्थ्य मिशन सेती नियुक्त एक लाख महिला सामुदायिक स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ता मन ले एक आय. ओकर लिखे जानकारी ह वोला एक झिन कोविड-पॉजिटिव गांव लोगन के पता लगाय मं मदद करे रहिस, जेन ला शिरोल तालुका मं राहत शिविर मं ले जाय गे रहिस, जेकर ले कम से कम 5,000 दिगर लोगन ला ये ये वायरस बाबत बताय गे रहिस.
वो ह कहिथे, ”पुर सेती कतको लोगन के फोन बंद हो गे रहिस धन नेटवर्क कवरेज ले बहिर हो गे.” शुभांगी, जेन ह 5 कोस दूरिहा तरवाड़ मं अपन मायका चले गे रहिस, ह तुरते अपन हाथ ले लिखाय जानकारी ला खोजिस अऊ शिविर मं कुछु दीगर लोगन मन के फोन नंबर मिलिस. “मंय कइसने करके मरीज ले बात करे मं सुफल हो गेंव.”






















