ई अब बस एगो छोटहन, जर्जर ढांचा मात्र रह गईल बा. सतारा के लोग-जन खातिर फूले के घर गर्व करे के चीज होखे के चाही आ शायद बड़लो बा. बाकिर ग्राम पंचायत एकरा प कवनो ख़ास ध्यान नइखे देले, आ ना ही महाराष्ट्र सरकार.
ई महान समाज सुधारक ज्योतिबा फुले के पैतृक घर ह. उनकर दादा जी एके बनवईले रहन. आज ई एकदम खराब हालत में बा. छत से प्लास्टर झड़ के गिरता. एहसे बढ़िया हालत में त प्रधानमंत्री आवास योजना से बने वाला मकान देखले बानी जा. एह घर के भी ओहि योजना के तहत पुनः निर्माण करे के कोशिश कईल गइल, लेकिन बहुत जादे खराब ढंग से.
घर एतना छोट बा कि मरम्मत में ढेर देरी ना लागी. मरम्मत खाती सारा संसाधन भी मौजूद बा- ओहिजा जाईब त घर के ठीक पीछे पंचायत के बनावल एगो शानदार जिम लऊकी. फूले के नाम प सामने ही एगो शैक्षणिक संस्था चलता. आ रोड के लगे एगो खुला मंच बनल बा




