“एल्युमीनियम पाथिरम [एल्युमीनियम के बर्तन]!
“मोर देह ले जतक अवाज निकर सकथे, निकारथों. मंय स्पीकर नइ बऊरंव. ये सब्बो मोर साँस आय.”
मोर नांव गणेशन आय. मंय अपन सइकिल मं समान धरके बेचथों. मंय प्लास्टिक के बने घर बउरे के जिनिस अऊ गिलट के बरतन भाड़ा बेचके अपन परिवार के पेट पालथों. आज खाये बर हमन ला कुछु (पानी के) मटकी बेचे ला परही, चलो, आगू जाबो !”
मंय कराईकुडी के तीर कनाडुकथन मं गणेशन ले मिले रहेंय. मंय फोटो के जरिया ले कोनो मइनखे के कहिनी ला लिखे चाहत रहेंय. जेन दिन मंय ओकर ले मिले रहेंय, 61 बछर के गणेशन कोत्तमंगलम गाँव गे रहिस. वो ह हांसत मोर बात ला मान लिस.






















