आर. नल्लकन्नु - 1925-2026
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के आख़िरी जीवित बचे नायकों में से एक आर. नल्लकन्नु का 25 फ़रवरी को निधन हो गया. वह 101 साल के थे, और संभवतः तमिलनाडु से ताल्लुक़ रखने वाले स्वतंत्रता सेनानियों में से आख़िरी थे, जो अब तक हमारे बीच मौजूद थे. ब्रितानवी हुकुमत से लोहा लेने वाले नल्लकन्नु की कहानी भी मेरी किताब ‘द लास्ट हीरोज़: भारतीय स्वतंत्रता के पैदल सैनिक’ में शामिल थी.
साल 2022 में, स्वतंत्रता दिवस के दिन तमिलनाडु सरकार ने उन्हें राज्य के सर्वोच्च सम्मान - तगईसल तमिलर पुरस्कार से नवाज़ा था. हालांकि, कॉमरेड आर. नल्लकन्नु ने पुरस्कार को स्वीकार तो किया, लेकिन इसके साथ मिलने वाले 10 लाख रुपए के नक़द पुरस्कार में तत्काल अपनी तरफ़ से 5,000 रुपए जोड़कर मुख्यमंत्री राहत कोष में दान कर दिया था. तमिलनाडु में किसान आंदोलन के संस्थापकों में रहे नल्लकन्नु की शख़्सियत ही कुछ ऐसी थी. उनके जाने से तमिलनाडु में एक सुनहरे दौर का अंत हो गया है.













