अगस्त 2025 के 1 से 13 तारीख ले, हम जीसीसी सफाई कर्मचारी के बिरोध परदरसन में गईनी. हम एगो दरसक जइसन ना, बल्कि पक्का नौकरी औरी कम के इज्जत खातिर ओ लोग के संघर्स में भाग लेवे वाला जइसन गईल रहनी.
सालन से, हमार सिक्षा संबंधी कार औरी हमार आपन जुड़ाव दलित औरी मछुआरा समुदाय के उजरल, निजीकरण, स्मार्ट सिटी औरी चेन्नई कोस्टलाइन के साथे ब्लू बीच प्रोजेक्ट जइसन योजना प ओ सबके बिरोध प टिकल रहल बा.
इ बिरोध परदरसन के बेरिया हमार भेंट एम. पलानी कुमार से भइल. हमरा हाथ में कैमरा थमा के उ हमरा के एगो ख़ास सोच औरी सहानुभूति से अलगे देखे के सिखौलन. रोजदिना के जिनगी में लुकाइल बेवस्था के हिंसा के चीन्हे के, ओकर सामना करे के बतवलन. कि फोटोग्राफी खाली एगो दस्तावेज ना ह, बल्कि गवाही देवे के राजनीतिक कारो ह. इ सब समझे-बूझे के बतवलन.
ओही छन से, दस्तावेज बनावल प्रतिरोध बन गईल. हम चेन्नई के सफाई करमचारी कुल के चलत संघर्स के हर गति, हर भूख हड़ताल औरी दमन के हर करवाई के कैमरा में धइल सुरु क दहनी.
“सड़क के अरिया बहारन में फूटल सीसा, चोख धातु, सुई औरी आदमी के पैखाना होला. कपड़ा के दस्ताना हमनी के सुरक्षा ना क पावेला. हमनी के अक्सरहे घाव लागत रहेला.” 39 बरीस के जे. गीता कहली. “हमनी फूटल कांच, आदमी के थूक औरी पेसाब के खालिए हाथ से उठावेनी. मास्क औरी दस्ताना हमनी के ओ मन के दुःख से नयिखे बचा सकत, जेकरा से हमनी गुजरेनी.”
उ एक ओर त अपना इ जरूरी काम के खतरनाक औरी कुआदर वाला परिस्थिति के ओर इसारा कइल, औरी दुसरा ओर, ओकरा के सहला से होखे वाला अकेलापन औरी सामाजिक बहिष्कार के कहल लोग.
17 नवंबर, 2025 के गीता औरी तीन गो दूसर सफाई कर्मचारी- 50 बरीस के पी. जेनोवा, 39 बरीस के जी. वसंती औरी 36 बरीस के एस. भारती, के साथे मिल के अंबत्तूर थोजहर कुडम में अनिस्चित काल के भूख हड़ताल सुरु क दहली. उ लोग घोसना कइल कि पक्का रोजगार, नौकरी के सुरक्षा औरी मेहनत के आदर के मांग खातिर आमरण अनसन करी लोग.