हमार 2017 में लागल फोटो प्रदर्शनी हमके पारी खातिर काम करे के प्रेरित कईलस. बाकिर प्रदर्शनी जवन हमके एगो दृश्य कलाकार (विजुअल आर्टिस्ट) के रूप में प्रस्तुत कईलस, उ वानाविल रेवती आ कलाकार नटराजन बिना ना संभव रहे. सन् 2004 के सुनामी के बाद रेवती नरिकुरवर आ बूम बूम मट्टुकारर समुदाय के बच्चन खातिर वानविल स्कूल के स्थापना कईली. हम उनकी माध्यम से तुरविक्काडु आ ओन्ननकाडु बस्तियन के बच्चन से मिलनी आ तुरंत महसूस भईल कि हमके उन्हनी के जीवन के बारे में लिखे के बा आ उन्हनी के तस्वीर खींचे के बा.
बूम बूम मट्टुकारर एगो अनुसूचित जनजाति हवे जेके अदियन (चाहे अतियन भी कहल जाला) के नाम से भी जानल जाला आ सूचीबद्ध कईल जाला. ‘बूम बूम’ शब्द ओ ध्वनि से आईल बा जवन मट्टुकारर या पशु संचालक अपना उरुमी पर पैदा करेला. उरुमी, रेतघड़ी (ऑवरग्लास) के आकार के दोतरफा ड्रम होखेला. ई नाम ओ भाग्य बतावे वाला पुस्तैनी धंधा से पैदा भईल बा जेकरा में उ लोग सजावल बैल के सहायक के रूप में उपयोग करेला.






























