बारिश-की-लाल-बूंदों-की-तरह-बरसते-महुआ-के-फूल

Bijapur, Chhattisgarh

Sep 09, 2019

‘बारिश की लाल बूंदों की तरह बरसते महुआ के फूल’

इस स्टोरी में प्रस्तुत सात ऑडियो गीतों में, छत्तीसगढ़ के बीजापुर ज़िले के फरसेगढ़ गांव के एक आवासीय विद्यालय की आदिवासी लड़कियां पेड़ों और खेतों, दोस्तों और परिवारों, कपड़े पहनने व नृत्य करने, और तिरंगे के बारे में गीत गा रही हैं

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Translator

Qamar Siddique

क़मर सिद्दीक़ी, पीपुल्स आर्काइव ऑफ़ रुरल इंडिया के ट्रांसलेशन्स एडिटर, उर्दू, हैं। वह दिल्ली स्थित एक पत्रकार हैं।

Author

Arundhati V.

अरुंधति वी. एक मानवाधिकार कार्यकर्ता, थिएटर कलाकार, और ट्रेनर हैं; वह अधिकारों और न्याय से जुड़े मुद्दों पर हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में स्थित संभावना संस्थान के साथ काम करती हैं.

Author

Shobha R.

शोभा आर. बैंगलोर की एक मानवाधिकार कार्यकर्ता, थिएटर कलाकार और ट्रेनर हैं. वह बेदख़ली और लैंगिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर काम करती हैं, और उत्पीड़न, न्याय, और पीड़ितों की अभिव्यक्तियों को दुनिया के सामने लाने की दिशा में काम करती हैं.