हर साल 6 दिसंबर के दिन, बाबा साहब अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर, ग्रामीण भारत के लाखों ग़रीब लोग मुंबई के दादर में स्थित चैत्यभूमि की ओर खिंचे चले आते हैं. शोषित तथा वंचितों की यह विशाल भीड़ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने तथा अपना खोया हुआ स्वाभिमान हासिल करने यहां इकट्ठा होती है
शर्मिला जोशी, पूर्व में पीपल्स आर्काइव ऑफ़ रूरल इंडिया के लिए बतौर कार्यकारी संपादक काम कर चुकी हैं. वह एक लेखक व रिसर्चर हैं और कई दफ़ा शिक्षक की भूमिका में भी होती हैं.
Translator
Qamar Siddique
क़मर सिद्दीक़ी, पीपुल्स आर्काइव ऑफ़ रुरल इंडिया के ट्रांसलेशन्स एडिटर, उर्दू, हैं। वह दिल्ली स्थित एक पत्रकार हैं।