
पारी आम लोगों की ज़िंदगी की दास्तान कहता है. इस दुनिया में सबसे ज़्यादा विविधता भारत के गांवों में मिलती है. यहां रहने वाले 83.3 करोड़ लोग लगभग 800 भाषाएं बोलते हैं और लाखों आजीविकाओं, कलाओं, संस्कृतियों, साहित्य और किंवदंतियों के साझेदार हैं...

पारी 15 भाषाओं में स्टोरी प्रकाशित करता है, जिसे क़रीब 1.2 अरब भारतीय अपनी मातृभाषा के रूप में बोलते हैं. पत्रकारिता की दुनिया में पारी अकेली ऐसी वेबसाइट है जो इतनी सारी भाषाओं में काम कर रही है, और सभी भाषाओं को बराबरी की नज़र से देखती है...

पारी पर मौजूद रपटें, दस्तावेज़ और किताबें सिर्फ़ पढ़ने को ही नहीं मिलती हैं - आप उन्हें निःशुल्क डाउनलोड भी कर सकते हैं. पारी लाइब्रेरी पर महत्वपूर्ण राजपत्रों, रपट, अप्राप्य पुस्तकों, दुर्लभ दस्तावेज़ों के अलावा बहुत कुछ उपलब्ध है...

भारतीय पत्रकारिता की इस सबसे साहसिक कोशिश को ज़िंदा रखने के लिए, पारी को आपकी मदद की ज़रूरत है. हमारी आर्थिक सहायता करें कि हम पूरे देश को कवर कर सकें. ग्रामीण भारत पर केंद्रित इस अनोखे राष्ट्रीय संग्रह को तैयार करने में योगदान दें…

युवाओं को अपने देश के बारे में जानना चाहिए. हम कक्षाओं, कार्यशालाओं और इंटर्नशिप के ज़रिए उनको दिशा देते हैं, और उन्हें भारत के भीतर रहने वाले कई भारतों की तलाश करने देते हैं. पारी छात्र संवाददाताओं की बहुत सी स्टोरी भी प्रकाशित करता है...